राष्ट्रीय स्तर के अभियान को पलीता लगा रहे अधिकारी...


 



  • बाराबंकी में स्वच्छ भारत अभियान की जमकर उड़ाई जाती है धज्जियां जमकर किया जाता है बंदर बांट


संवाददाता रामकुमार वर्मा


बाराबंकी (नगर संवाद) । कहने को तो स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे प्रिय अभियान है। लेकिन जिस प्रकार से स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं उसके बाद भी स्वच्छ भारत नहीं हो पा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण बाराबंकी के अधिकतर ग्राम पंचायतों में देखा जा सकता है कहने को तो स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत बाराबंकी के अधिकांश घरों में शौचालय हैं लेकिन अगर प्रमुखता से जांच कराई जाए तो बहुत से घर ऐसे भी हैं जो खुले में शौच करने को आज भी मजबूर हैं।



जिन ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण भी कराया गया वह मानक विहीन होने के चलते गिरने के कगार पर है । प्राप्त जानकारी के अनुसार बाराबंकी के विकास खंड सिद्धौर की ग्राम पंचायत लाखुपुर में इस प्रकार स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत बनाए गए शौचालयों में बंदरबांट की गई है कि अगर ऊपर से लेकर नीचे तक अधिकारी जांच में दोषी को ना बचाए तो ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंच जाएंगे। दरअसल इस ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 132 शौचालय तथा एल ओ बी के अंतर्गत 152  शौचालय बनना है जो खुलेआम मानक की धज्जियां उड़ा रहे इस ग्राम पंचायत में बहुत से ऐसे शौचालय बने हुए हैं जिनका अभी   गड्ढा तक नही खुद वाया गया है। सबसे अहम बात यह है कि इस ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान खुद अपने हाथों से शौचालय बनाकर मोटी रकम कमा रहा हैं
आपको बताते चलें कि इस ग्राम पंचायत में इस प्रकार से गंदगी का अंबार लगा हुआ है कि किसी भी समय संक्रमण रोग अपना कब्जा कर सकता है 


 


क्या बोले ग्राम प्रधान जिया लाल:- 



ग्राम प्रधान ने हमारे संवाददाता श्रवण चौहान को जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 132 शौचालय और एल ओ बी के अंतर्गत 152 शौचालय आए हैं जिन्हें मैं अपने हाथों से बनवा कर कार्य करा रहा हूं ग्राम प्रधान ने  कहा कि मैंने ठेके पर यह कार्य करने वाले लोगों को शौचालय का निर्माण कार्य करने को दिया है



स्वच्छ भारत अभियान का क्या था उद्देश्य:- 


स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा अधोसंरचना को साफ-सुथरा करना और कूड़ा साफ रखना है। यह अभियान 02 अक्टूबर, 2014 को आरंभ किया गया था लेकिन इस अभियान के अंतर्गत अधिकारी कर्मचारी अपनी जेब भरने का काम कर रहे हैं और इस अभियान को पलीता लगा रहे


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